Epstein Files एपस्टीन फ़ाइल्स: बच्चियों का योण शोषण, व्यव्स्था पर धिक्कार • प्रो. नीलम महाजन सिंह •

Please read every word of this article. We are living with satans and pedophiles. People who should be hanged, are holding global power. Shocking revelations in Jeffrey Epstein Files

एपस्टीन फ़ाइल्स: बच्चियों का योण शोषण, व्यव्स्था पर धिक्कार 

• प्रो. नीलम महाजन सिंह • 

महिलाओं के शारीरिक शोषण पर समय समय पर अनेक प्रश्न उठे तथा छोटे बच्चों का शरीरिक शोषण एक जघन्य अपराध है।जिस एपस्टीन फ़ाइलों ने पूरी दुनिया को हिलाया, वह कौन था व डॉनल्ड ट्रंप से उसके क्या रिश्ते थे? एपस्टीन फ़ाइल्स से सामने आ रहे राज़ दुनियाभर में घातक सुर्ख़ियां बन रहीं हैं। सच तो यह है कि जो लोग दुनियाभर में सत्ता कब्जाने बैठे हैं, वे वास्तव में राक्षसी प्रवृति के लोग हैं। दोहरा नकाब पहले हुए इन लोगों को मानवता का खून चूसने की आदत सी हो गयी है। इनमें कई दिग्गजों के नाम सामने आए हैं। बिल गेट्स, डॉनल्ड ट्रंप, एंड्रयू माउंटबेटन, रिचर्ड ब्रैनसन, सारा फर्ग्यूसन, लॉर्ड मैंडेलसन, बिल क्लिंटन, लैरी समर्स, नोम चोकसी, वेलेरिया चोम्स्की, दीपक चोपड़ा, अरबपति लेक्स वैक्सनर, अनिल अंबानी व हरदीप पुरी आदि। 
97 वर्षीय, नोम चोकसी (Noam Choksi) को महिलाओं के अधिकारों व जेंडर इक्वालिटी का धरोहर माना जाता है। 'एपस्टीन फ़ाइल्स' के एक ईमेल मैसेज में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी व जेफ़री एपस्टीन की मुलाक़ात का भी दावा था, जिसे भारतीय विदेश मंत्रालय ने ख़ारिज कर दिया है। उधर पेट्रोल मंत्री हरदीप सिंह पूरी व अनिल अम्बानी तो लगभग रंगे हाथ ही पकड़े गए हैं। 
हरदीप सिंह पूरी की विश्वसनीयता आरंभ से ही अस्वीकार्य है। इसने अपने को आगे बढ़ाने के लिये प्रत्येक मर्यादा का उलंघन किया व ये बहुत भारी भोंपू है। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डाॅनल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका "जेफ़री एपस्टीन से कोई लेना-देना नहीं था"। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की गई फ़ाइलों में साज़िश है। इसका मक़सद उन्हें राजनीतिक रूप से नुक़सान पहुंचाना व चुनाव हरवाना था। 
हाल ही में सामने आए इन दावों ने अमेरिकी यौन अपराधी व मानव तस्कर; जेफ़री एपस्टीन को फिर चर्चा में ला दिया है। जेफ़री एपस्टीन अपनी सहयोगी, गिलेन मैक्सवेल के साथ पार्टिया में छोटी-बच्चियों का शोषण करवाता रहा। रोंगटे खड़े कर देने वाले ये वीडियो व पन्ने, मानवता का शोषण है। भारत में हरदीप सिंह पूरी तो बौखला गया है! यह सच है कि वो एपस्टीन से अनेक बार मिला व उसने अनिल अम्बानी को न्योता देने की सिफारिश भी की! "एपस्टीन से तीन या चार बार मेरी मुलाक़ात हुई है," पूरी का कहना है। राहुल गांधी के लोकसभा में लगाएं आरोपों के बाद हरदीप सिंह पुरी कटघरे में है। एपस्टीन फ़ाइलें (Epstein files) लगभग 60 लाख पृष्ठों में विस्तृत दस्तावेज़ों, चित्रों तथा वीडियो का विशाल संकलन है, जिसमें अमरीकी वित्तकार व दण्डित बाल यौन अपराधी, जेफ़्री एपस्टीन व उसके सामाजिक दायरे जिसमें अनेक राजनेता तथा प्रसिद्ध हस्तियाँ सम्मिलित हैं। 
इस में सम्बन्धित आपराधिक गतिविधियों का विवरण निहित है। वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के समय डॉनल्ड ट्रम्प ने 'एपस्टीन फ़ाइलों' को सार्वजनिक करने का संकेत दिया था। यद्यपि बाद में उन्होंने यह कहा; "ये फ़ाइलें डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों द्वारा गढ़ी गयी मनगढ़न्त सामग्री हैं"। यह सच नहीं है। संयुक्त राज्य प्रतिनिधि सभा ने एपस्टीन फ़ाइल 'पारदर्शिता अधिनियम को 427:1 मतों से पारित किया। तत्पश्चात संयुक्त राज्य सेनेट ने इसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया। ट्रम्प ने अगले दिन इस विधेयक पर हस्ताक्षर भी किए। 
न्याय विभाग ने अधिनियम द्वारा निर्धारित समय‑सीमा तक केवल सीमित सामग्री जारी की, जिसके कारण दोनों दलों से उनकी आलोचना हुई। 30 जनवरी 2026 को अतिरिक्त 30 लाख पृष्ठ, लगभग 2000 वीडियो तथा 1,90,000 चित्र जारी किए गए। न्याय विभाग ने स्वीकार किया है कि कुल 60 लाख पृष्ठ इस अधिनियम के अन्तर्गत प्रकटीकरण योग्य हैं। उसने यह भी कहा कि 30 जनवरी का प्रकाशन अन्तिम होगा व उसने अपने विधिक दायित्वों की पूर्ति कर दी है। इन फ़ाइलों के प्रकटीकरण ने अनेक सार्वजनिक हस्तियों पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस, मेटे मारित, ऐण्ड्रू माउण्टबैटन, विन्डसर तथा सारा फ़र्ग्युसन पर विशेष ध्यानाकर्षित किया गया है। एपस्टीन फ़ाइलों के चरण‑1 के प्रकाशन के समय; सार्वजनिक की गयी सम्पर्क‑पुस्तक (contact diary) की सामग्री संशोधित रूप में प्रस्तुत हुई है। जेफ़्री एपस्टीन पर 2006 में अभियोग लगाया गया व 2007 में उसने एक 'दलील‑समझौता' स्वीकार किया। 2011 में उस पर पुनः अभियोग लगा व उसकी कारागार में मृत्यु हो गई। एपस्टीन ने राजनेताओं व प्रसिद्ध हस्तियों का एक व्यापक सामाजिक दायरा विकसित किया था। इसी कारण अनेक 'षड्यन्त्र सिद्धान्त' प्रचलित हुए, कि एपस्टीन ने उन व्यक्तियों की एक सूची तैयार की थी। वह नाबालिग लड़कियों की तस्करी करता था। 
इस सूची का उपयोग वह उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए करता रहा। यह भी शक है कि उसकी मृत्यु, हत्या थी व आत्महत्या नहीं। ये सामग्री एफ़.बी.आई. (FBI) के 'सेंटिनल केस‑प्रबन्धन तंत्र' में 300 गीगाबाइट से अधिक डेटा के रूप में सुरक्षित है। इनमें उसका सम्पर्क‑पुस्तक (Contact Black Book); उसके विमानों के उड़ान दैनन्दिन व न्यायालयीन दस्तावेज़ सम्मिलित हैं। जब सरकारी दक्षता विभाग के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार ऍलान मस्क ने (Elon Musk), अब हटाए गए ट्वीट में यह आरोप लगाया था कि 'अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एपस्टीन फ़ाइलों में सम्मिलित हैं'। एक ज्ञापन द्वारा ट्रम्प सरकार ने इसे अस्वीकार किया व यह राजनीतिक टिप्पणीकारों के बीच व्यापक संदेह का विषय बना। एपस्टीन का 'ब्लैक बुक व लिटिल ब्लैक बुक' सम्पर्क पुस्तक है। इसमें नामी हस्तियों के फ़ोन नम्बर, ई-मेल व पते सम्मिलित हैं। इसे एपस्टीन के एक पूर्व कर्मचारी ने 2009 में, उसके घर से लिया था व बेचने का प्रयास किया। पत्रकार जूली के. ब्राउन के अनुसार, यह निर्देशिका एपस्टीन की तत्कालीन साथी गिसलेन मैक्सवेल द्वारा संकलित की गयी थी, जिसमें प्रसिद्ध हस्तियों के साथ‑साथ एपस्टीन के माली, नाई, हेयरड्रेसर व बिजली‑मिस्त्री तक के सम्पर्क शामिल थे। ब्राउन ने कहा, “कथित सूची वस्तुतः एक भटकाने वाला विषय है"। एपस्टीन या मैक्सवेल जब भी किसी महत्त्वपूर्ण व्यक्ति से मिलते, वे उसका सम्पर्क विवरण इस फ़ाइल में जोड़ देते थे। अतः यह एक ग्राहक सूची (Consumer List) के समान है। डाॅनलड ट्रम्प व एपस्टीन के बीच परिचय 1997 से लेकर 2000 के मध्य दशक तक रहा। 2002 में 'न्यूयॉर्क मैगज़ीन' को दिए साक्षात्कार में ट्रम्प ने एपस्टीन को 'उत्तम व्यक्ति" कहा था व यह भी कहा था कि वे "सुन्दर महिलाओं को उतना ही पवर्षद करता है जितना मैं, और उनमें से अनेक अपेक्षाकृत कम आयु की होती हैं।” 2004 में फ़्लोरिडा के 'पाम बीच' (Palm Beach) में एक अचल संपत्ति सौदे को लेकर तनाव उत्पन्न हुआ। ट्रम्प ने समुद्र‑तट स्थित एक विशाल भवन, 'एपस्टीन प्रॉपर्टीज़' पर जाने व उसके प्राइवेट जेट से सफ़र करने को स्वीकारा है। प्रिंस एंड्रयू, ड्यूक ऑफ़ यॉर्क ने कई सालों तक एपस्टीन के साथ करीबी, डॉक्युमेंटेड दोस्ती बनाए रखी। एहुद बराक (Ehud Barak) इज़राइल के पूर्व प्रधानमंत्री कई मौकों पर एपस्टीन से मिले। 2003 में ट्रम्प ने एपस्टीन के 70वें जन्मदिन पर शुभ कामना पत्र भेजा था। सारांंशार्थ यह वास्तव में कलियुग या जहन्नुम है, जहां बच्चियों का देह व्यापार, रक्त शोषण, सेक्स टॉर्चर कर, विश्व शासन करने वाले अपनी हवस को पूरा कर, राक्षसी स्वरूप के परिचालक हैं। धिक्कार है इस व्यव्स्था पर! 
• प्रो. नीलम महाजन सिंह • 

(वरिष्ठ पत्रकार, राजनैतिक विश्लेषक, दूरदर्शन व्यक्तित्व, सॉलिसिटर फॉर ह्यूमन राइट्स संरक्षण व परोपकारक)

singhnofficial@gmail.com

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